बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले, राजद सुप्रीमो Lalu Yadav ने गुरुवार (13 फरवरी) को एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि जब तक वह बिहार में हैं, बीजेपी बिहार में सरकार नहीं बना सकती। उन्होंने यह भी कहा कि अब लोग बीजेपी को समझ चुके हैं। लालू यादव के इस बयान के बाद से एनडीए नेताओं की प्रतिक्रियाओं का सिलसिला शुरू हो गया है। बिहार के उपमुख्यमंत्री और बीजेपी नेता विजय कुमार सिन्हा ने लालू यादव के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
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Toggleविजय कुमार सिन्हा ने दिया जवाब
बिहार के उपमुख्यमंत्री और बीजेपी नेता विजय कुमार सिन्हा ने लालू यादव पर पलटवार करते हुए कहा कि एनडीए सरकार जरूर बनेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह निश्चित नहीं है कि लालू यादव राज्य में रहें या नहीं, लेकिन एनडीए सरकार जरूर बनेगी। विजय सिन्हा ने कहा, “लालू प्रसाद यादव जी, अब आपकी उपस्थिति की आवश्यकता नहीं है क्योंकि आपने बिहारी शब्द को गाली बना दिया था, आपने बिहारी को शर्मसार किया। जातिवाद की घृणा फैला कर आपने भाई-भाई को लड़ाया। आपने बिहार को बर्बाद कर दिया, इसलिए अब आपके जैसे लोगों की आवश्यकता नहीं है। अब समाजिक सद्भावना बढ़ाने वाले लोगों की जरूरत है, तो चाहे आप रहें या नहीं, एनडीए सरकार जरूर बनेगी।”
जदयू नेता ने भी किया हमला
वहीं, जदयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने भी लालू यादव के बयान पर प्रतिक्रिया दी। नीरज कुमार ने लालू प्रसाद यादव पर हमला बोलते हुए कहा, “आपके बेटे (तेजस्वी यादव) ने आपको एक राजनैतिक रूप से अनुपयुक्त नेता घोषित कर दिया है। महुआबाग का घर बनवाइए। आप अपने जीवन के चौथे चरण में हैं। एनडीए गठबंधन ने 225 सीटों का लक्ष्य तय किया है और 2025 से नीतीश कुमार फिर से 30 सीटों पर जीतेंगे। यह जनता का मूड है।”
लालू यादव ने क्या बयान दिया?
13 फरवरी को पत्रकारों ने बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव के संबंध में लालू यादव से प्रतिक्रिया मांगी थी। जब उनसे पूछा गया कि दिल्ली में हाल ही में हुए चुनाव के बाद बीजेपी सरकार बना रही है, तो इसका बिहार पर क्या असर पड़ेगा? इस सवाल के जवाब में लालू यादव ने कहा, “इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। बीजेपी यह कह रही है कि वह बिहार में पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी, तो इस पर उन्होंने कहा, ‘वह कैसे सरकार बनाएंगे? क्या बीजेपी सरकार बना सकती है जबकि हम यहां हैं? लोग अब बीजेपी को समझ चुके हैं।'”

लालू यादव के इस बयान ने बिहार के राजनीतिक माहौल में हलचल मचा दी है। उन्होंने इस बयान के माध्यम से यह संदेश दिया है कि बिहार में बीजेपी का कोई खास प्रभाव नहीं रहेगा और वह किसी भी हालत में राज्य में अपनी सरकार बनाने में सफल नहीं हो पाएंगे। उनका यह बयान बीजेपी के लिए एक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि बिहार में अगले कुछ सालों में चुनावों की राह कठिन हो सकती है।
बिहार में राजनीतिक स्थिति
बिहार में राजनीतिक समीकरण समय-समय पर बदलते रहते हैं और हर चुनाव में एक नई राजनीतिक स्थिति बनती है। पिछले कुछ वर्षों से बिहार में महागठबंधन और एनडीए के बीच मुकाबला देखने को मिला है। जहां एक ओर नीतीश कुमार की जदयू और लालू यादव की राजद का गठबंधन महागठबंधन में शामिल था, वहीं दूसरी ओर बीजेपी और उसके सहयोगी दलों का एनडीए गठबंधन भी मजबूती से खड़ा हुआ है। 2020 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन ने एनडीए को कड़ी टक्कर दी थी, लेकिन आखिरकार एनडीए ने सरकार बनाई थी।
2025 के विधानसभा चुनावों के लिए दोनों प्रमुख गठबंधन अपनी-अपनी रणनीतियाँ बना रहे हैं। लालू यादव और उनकी पार्टी राजद ने अपना जोर पूर्व की तरह ही राज्य के विकास और सामाजिक न्याय पर रखा है, जबकि बीजेपी और एनडीए ने विकास, सुशासन और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रमुख मुद्दा बनाने की योजना बनाई है।
बीजेपी का बिहार में वोटबैंक
बीजेपी के लिए बिहार का चुनाव 2025 काफी महत्वपूर्ण होगा। बिहार में बीजेपी के पास एक मजबूत संगठन है और पार्टी ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में अपनी मजबूत स्थिति बनाई है। हालांकि, राज्य में लालू यादव का प्रभाव और उनका नेतृत्व एक बड़ा फैक्टर है। ऐसे में बीजेपी को यह समझने की जरूरत होगी कि वह किस तरह से बिहार की राजनीति में अपनी पकड़ को मजबूत बनाए रख सकती है।
लालू यादव का बयान बीजेपी के लिए एक चुनौती हो सकती है, क्योंकि उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह बीजेपी को बिहार में सरकार बनाने का मौका नहीं देंगे। बिहार की राजनीति में जातिवाद और समाजिक समीकरणों का महत्वपूर्ण प्रभाव है, और लालू यादव ने हमेशा इस समीकरण का सही तरीके से इस्तेमाल किया है।
जनता का मूड
बिहार की जनता का मूड अगले विधानसभा चुनाव के लिए महत्वपूर्ण होगा। पिछले कुछ चुनावों में बिहार के मतदाताओं ने यह दिखाया है कि वे विकास, समाजिक न्याय और अपने हक के लिए मतदान करते हैं। इस बार भी जनता का रुझान उसी दिशा में हो सकता है, और यह देखा जाएगा कि वे किसे अपनी सरकार बनाने का मौका देते हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले राजनीतिक पार्टियों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। लालू यादव के बयान के बाद एनडीए और महागठबंधन दोनों ही पक्षों ने अपनी-अपनी रणनीतियाँ तय कर ली हैं। अब यह देखना होगा कि आने वाले महीनों में बिहार की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है और कौन अपनी सरकार बनाने में सफल होता है।







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